NCTE BED Course: नई शिक्षा नीति के अनुसार B.Ed अब केवल 1 साल का होगा, जानिए नया नियम

NCTE BED Course : वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और इसके साथ ही सुयोग्य शिक्षकों की आवश्यकता भी लगातार बढ़ती जा रही है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई द्वारा अनुमोदित बैचलर ऑफ एजुकेशन का पाठ्यक्रम उन समस्त विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है जो अध्यापन के क्षेत्र में अपना करियर स्थापित करना चाहते हैं।

बैचलर ऑफ एजुकेशन एक विशेष व्यावसायिक स्नातक पाठ्यक्रम है जो विद्यार्थियों को प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक कक्षाओं में अध्यापन हेतु सक्षम बनाता है। यह दो वर्षीय शैक्षणिक कार्यक्रम शिक्षा मनोविज्ञान, पाठ्यक्रम निर्धारण, अध्यापन प्रणालियों तथा प्रायोगिक अभ्यास पर आधारित है। एनसीटीई की अनुमति यह प्रमाणित करती है कि पाठ्यक्रम राष्ट्रीय स्तर के मानदंडों के अनुरूप संचालित होता है।

आवश्यक योग्यता एवं पात्रता शर्तें

बी.एड पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए कुछ निर्धारित योग्यताएं अनिवार्य हैं। अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त महाविद्यालय या विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि कम से कम पचास प्रतिशत अंकों के साथ होनी आवश्यक है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा पैंतालीस प्रतिशत निर्धारित है। कला, विज्ञान, वाणिज्य अथवा किसी भी संकाय के विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम हेतु आवेदन करने के योग्य होते हैं। प्रवेश की विधि सामान्यतः प्रवेश परीक्षा एवं परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से संपन्न होती है।

पाठ्यक्रम की संरचना तथा विषय सामग्री

बी.एड का शैक्षणिक कार्यक्रम चार सत्रों में विभाजित किया गया है, जिसमें सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक दोनों प्रकार के पाठ सम्मिलित हैं। प्रथम सत्र में शिक्षा के दार्शनिक आधार, मनोविज्ञान तथा समकालीन भारतीय समाज की समझ पर बल दिया जाता है। द्वितीय सत्र में पाठ्यक्रम निर्माण, अध्यापन की विधियां एवं मूल्यांकन की तकनीकों का अध्ययन कराया जाता है।

तृतीय और चतुर्थ सत्र में विषय आधारित अध्यापन प्रणालियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाता है। विद्यार्थी अपनी स्नातक स्तर की विशेषज्ञता के आधार पर गणित, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, भाषा अथवा अन्य विषयों की शिक्षण पद्धति का चयन करते हैं।

व्यावहारिक अभ्यास की भूमिका

पाठ्यक्रम का सर्वाधिक आवश्यक अंग शिक्षण प्रशिक्षण या इंटर्नशिप है। विद्यार्थियों को विद्यालयों में जाकर वास्तविक कक्षा की परिस्थितियों में पढ़ाने का सुअवसर प्राप्त होता है। यह अनुभव उन्हें कक्षा संचालन, विद्यार्थी मनोविज्ञान की समझ तथा प्रभावी अध्यापन तकनीकों के विकास में अत्यधिक सहायता प्रदान करता है।

रोजगार की व्यापक संभावनाएं

बी.एड उपाधि धारक के समक्ष रोजगार के अनेक विकल्प उपलब्ध होते हैं। सरकारी तथा निजी विद्यालयों में अध्यापक के पद पर कार्य करने के अतिरिक्त, वे शिक्षा परामर्शदाता, पाठ्यक्रम निर्माता, शैक्षणिक लेखक तथा प्रशिक्षण केंद्रों में भी कार्य कर सकते हैं। अनेक विद्यार्थी आगे जाकर एम.एड, एम.फिल अथवा पीएचडी की उपाधियां भी अर्जित करते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति सन् दो हजार बीस के अंतर्गत शिक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं, जिससे प्रशिक्षित शिक्षकों की मांग और अधिक बढ़ने वाली है। डिजिटल शिक्षा के बढ़ते प्रचलन के साथ, बी.एड स्नातकों के लिए ऑनलाइन अध्यापन एवं एडटेक संस्थानों में भी नवीन अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

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